छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

राजनांदगांव: कलेक्टर ने धर्मनगरी डोंगरगढ़ में चैत्र नवरात्रि पर्व की तैयारी, सुचारू संचालन तथा निर्विघ्न समापन के लिए ली बैठक

छायादार पंडाल, पेयजल, मेडिकल किट, ओआरएस, ग्लूकोज, चिकित्सा व्यवस्था करने कहा

पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था करने कहा
अनुपयोगी खाद्य पदार्थो की बिक्री न हो इसके लिए नियमित सैम्पल लेकर जांच की कार्रवाई सुनिश्चित करें
मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ चैत्र नवरात्रि पर्व की सुचारू संचालन के संबंध में बैठक संपन्न
 
राजनांदगांव| कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने जिले के डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर में 2 अप्रैल से प्रारंभ होने वाली चैत्र नवरात्रि पर्व की तैयारी तथा सुचारू संचालन के लिए कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पुलिस प्रशासन तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर श्री सिन्हा ने मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं मेले के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मां बम्लेश्वरी आस्था के प्रमुख केन्द्रों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण शामिल होते हैं। डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं एवं पदयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए उन्होंने जरूरी उपाय एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। गर्मी के मद्देनजर प्रमुख मार्गों के साथ-साथ सभी चिन्हांकित स्थलों में विशेष व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। छायादार पंडाल, पेयजल, मेडिकल किट, ओआरएस, ग्लूकोज, चिकित्सा व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगजनी, आकस्मिक दुर्घटना जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक व्यवस्था होनी चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को महती जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि सभी विभाग के अधिकारी सौंपे गए दायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेला के आयोजन से लेकर समापन तक गंभीरतापूर्वक कार्य करें। कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि मेला स्थल पर संचालित सभी प्रकार के होटल, नाश्ते के ठेले, फल दुकानें सहित खानपान के लिए लगाए गए स्टालों में शुद्ध व ताजे सामानों की बिक्री की जानी चाहिए। यहां किसी प्रकार के अनुपयोगी खाद्य पदार्थो की बिक्री न हो इसकी नियमित सैम्पल लेकर जांच की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
 
कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि जिला व पुलिस प्रशासन एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों का यह प्रयास होनी चाहिए कि मेले के दौरान माता के दर्शन हेतु आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधा मुहैया करायी जाये। उन्होंने चैत्र नवरात्रि पर्व में दुर्घटना रहित मेला आयोजन की लक्ष्य की जानकारी देते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों को इसके लिए पुख्ता उपाय करने के निर्देश दिए। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था करने के अलावा मेला स्थल के लिए निर्धारित मार्गों में वाहनों की गति भी निर्धारित कराने कहा। उन्होंने मार्ग में पर्याप्त मात्रा में संकेतक व अस्थायी बे्रकर लगाने एवं दुर्घटना जोन को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मंदिर परिसर डोंगरगढ़ में माता के दर्शन हेतु ऊपर एवं नीचे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित ढंग से नियंत्रित करने के भी उचित उपाय करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने ऊपर मंदिर जाने वाले निचले सीढ़ी से लेकर आवश्यक स्थानों पर बेरिकेटिंग आदि की व्यवस्था कराने कहा।
 
कलेक्टर श्री सिन्हा ने मेले के दौरान दर्शनार्थियों एवं डोंगरगढ़ में रूकने वाले लोगों को शुद्ध एवं ताजा भोजन, नाश्ता आदि मिल सके इसके लिए उन्होंने एसडीएम डोंगरगढ़ एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी डोंगरगढ़ को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। मंदिर परिसर के आस-पास एवं डोंगरगढ़ मेें भी साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था कराने को कहा। उन्होंने रोपवे के मेन्टेनेंस की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में रोपवे में ओवरलोडिंग जैसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पदयात्रियों के लिए मार्गों में पेयजल एवं शौचालय आदि का समुचित प्रबंध करें। कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल व्यवस्था की पुख्ता इंतजाम करने करने कहा। पदयात्री मार्ग एवं डोंगरगढ़ मंदिर परिसर में प्रकाश आदि की व्यवस्था एवं पर्याप्त मात्रा में डस्टबीन लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पदयात्री मार्ग एवं मेला स्थल में पर्याप्त मात्रा में चिकित्सकीय अमले की तैनाती तथा ग्लूकोज, ओआरएस की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
 
कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि मंदिर परिसर के आस-पास के दुकानों में शराब, गांजा आदि मादक पदार्थों की बिक्री बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस प्रशासन एवं अधिकारियों ने भी अपना सुझाव दिए। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्रीमती सलमा फारूखी, जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयप्रकाश बढई, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष चतुर्वेदी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री अरूण वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

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