छत्तीसगढ़
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य अलंकरण, सम्मान एवं पुरस्कारों के लिए चयनितों के नामों की घोषणा की
उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ राज्योत्सव के समापन समारोह में प्रदान करेंगे पुरस्कार और सम्मान
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में राज्य अलंकरण, सम्मान और पुरस्कारों के लिए चयनित व्यक्तियों और संस्थाओं के नामों की घोषणा की। राज्य शासन के 16 विभागों द्वारा 35 अलंकरण, सम्मान और पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इसके लिए चार संस्थाओं एवं 38 व्यक्तियों का चयन किया गया है।
उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 6 नवम्बर को नया रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में ये पुरस्कार और सम्मान प्रदान करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य शासन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से राज्य अलंकरण, सम्मान एवं पुरस्कारों के लिए चयनित सभी व्यक्तियों और संस्थाओं को बधाई दी है।
बटकी म बासी, चुटकी म नून, राज्योत्सव में सुमधुर लोकगीतों ने मोह लिया दर्शकों का मन
राज्योत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति से कलाकारों ने दिल जीत लिया दर्शकों
लोक कलाकार आरू साहू और राजेश अवस्थी की शानदार प्रस्तुति, वालीवुड पार्श्व गायिका नीति मोहन के गायन का जमकर लुत्फ लिया दर्शकों ने
राज्योत्सव के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ी गीतों की शानदार प्रस्तुति लोक कलाकारों ने दी। सुश्री आरु साहू और श्री राजेश अवस्थी ने ददरिया गीतों के साथ उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं मुंबई से आईं सुश्री नीति मोहन ने शानदार गीतों की प्रस्तुति कर समां बांध दिया। शाम को राज्योत्सव का रंग गौरा-गौरी गीत से आरंभ हुआ। इसके बाद तो छत्तीसगढ़ के लोकगीतों की सुंदर श्रृंखला सज गई। लोकरंग राज्योत्सव परिसर पर पूरी तरह से छलक गये। गौरा-गौरी गीत के बाद राउत नाचा की रंगारंग प्रस्तुति हुई और राऊत नाचा के जोश से पूरा उत्सव स्थल सराबोर हो गया। इसके बाद फाग गीतों के रंग छलके। जब मुख मुरली बजाय का प्रदर्शन हुआ तो पूरा राज्योत्सव स्थल श्याम रंग से रंग गया। इसके बाद द्रूतगामी पंथी नृत्य का आयोजन हुआ। आरू साहू और राजेश अवस्थी जैसे ही मंच पर आये, दूर तक तालियां गूंजती रही। जब इन कलाकारों ने ददरिया की प्रस्तुति दी तो लोक रंग का जादू पूरे उत्सव में चढ़ गया। लोकप्रिय गीत बटकी म बासी चुटकी म नून गावत हव ददरिया कान देके सुन की प्रस्तुति ने पूरे माहौल में तरंग घोल दी। इसके बाद वालीवुड पार्श्व गायिका सुश्री नीति मोहन प्रस्तुति देने आई। उन्होंने जय जोहार के अभिवादन के साथ सुमधुर गीतों की लड़ी प्रस्तुत की। चली रे जुनून का लिये कतरा, जिया रे जिया रे जैसे गीतों का प्रदर्शन कर उन्होंने पूरे माहौल में संगीत के रस घोल दिये। आज राज्योत्सव के दूसरे दिन लोकगीतों के साथ भारतीय सिनेमा के अद्भुत गीत-संगीत के जो सुर सुनने लोगों को मिले, उसने राज्य स्थापना दिवस की खुशियों में चार चांद लगा दिये।
राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग के स्टॉल में लोगों को मिली शासकीय योजनाओं की जानकारी
उदित छत्तीसगढ़, सुशासन के नवीन आयाम, जनमन सहित अन्य प्रचार सामग्री का किया गया वितरण
कोरबा शहर के घन्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन आडिटोरियम परिसर में एक दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टाल लगाकर शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। जिले के विकास तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। जिले के हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना, जल जीवन मिशन अंतर्गत लगे नल, पहाड़ी कोरवाओं के युवा बेरोजगारों को मिली नौकरी के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन एवं अन्य योजनाओं के लाभ से जीवन में आए बदलाव को बताया गया।
स्टॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित सुशासन के नवीन आयाम विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़, उदित छत्तीसगढ़ सशक्त नेतृत्व से प्रगति का स्वर्णिम युग, आभार बुजुर्गों के आशीष से जगमगा रहा सुशासन का सूरज, मासिक पत्रिका जनमन, रोजगार और नियोजन सहित अन्य ब्रोशर, पाम्पलेट व पत्रिकाओं का वितरण भी आम नागरिको को किया गया। यहाँ से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर युवाओं द्वारा बताया गया कि जनमन जैसी पत्रिका उनके लिए बहुत उपयोगी है। पत्रिका में शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी होती है, जो कि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में काम आती है। रोजगार और नियोजन पत्रिका से युवा शासकीय विभागों में होने वाले रोजगार एवं नियुक्तियों से अवगत हुए। साथ ही आमजनों को स्टॉल में लगी फोटो प्रदर्शनी के माध्यम अनेक विभागीय योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। जिससे वे उन योजनाओं से जुड़कर निश्चित ही लाभांवित होंगे।
राज्योत्सव 2024 : श्रम विभाग का स्टॉल बना श्रमिकों एवं आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र
नवा रायपुर के अटल नगर राज्योत्सव स्थल पर राज्योत्सव के दूसरे दिन लोगों का उत्साह और उमंग खूब दिखा।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर मे श्रम विभाग के स्टॉल पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित प्रदेश के श्रमिकों एवं नागरिकों के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी से संबंधित स्टॉल लगाया गया है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, इस योजना में श्रमिक की मृत्यु हो जाने पर, उनकी दिव्यांगता के आधार उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
इसी तरह श्रम विभाग की एक अन्य योजना है मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना इसमें पंजीकृत निर्माण श्रमिक के प्रथम 2 बच्चों को 1000रुपए से लेकर 10000 रुपए तक की छात्रवृत्ति बतौर प्रोत्साहन राशि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कक्षा 1 से लेकर स्नातकोत्तर तक पढ़ाई जारी रखने और उन्हे आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना यह ऐसी योजनाएं है जिससे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों जिसमें महिलाएं भी शामिल है उन्हें उनके श्रम के लिए पेंशन भी दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना में प्रतिमाह रुपये 1500/-पेंशन जीवन पर्यन्त दिया जाता है।
इस तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं उनके बच्चो को शैक्षणिक योग्यता अनुरूप विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाती है। इस योजना में शैक्षणिक योग्यता अनुरूप विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं जैसे -पीएससी, सीजी व्यापम, एसएससी, रेल्वे, पुलिस इंट्रेस हेतु निःशुल्क कोचिंग भी प्रदान किया जाता है।
इसी तरह श्रम विभाग के स्टॉल में छत्तीसगढ़ राज्य के श्रमिकों के लिए अन्य योजनाओं की भी जानकारी उपलब्ध है जिसमें निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना यह सब एक ऐसी योजना है जिसमें मंडल में पंजीकृत असंगठित महिला कर्मकार, महिला सफाई कर्मकार, महिला ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं महिला हमाल श्रमिकों को सहायता पहुंचाई जाती है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना और
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना भी संचालित है जिसमें 59 वर्ष से 60 वर्ष तक के आयु वर्ग के निर्माण श्रमिक जो विगत 03 वर्ष से मंडल में पंजीकृत है उन्हें 20,000 एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।
श्रम विभाग के स्टॉल में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस तरह से अपने प्रदेश के श्रमिकों के हित के लिए, जिन महती योजनाओं का क्रियान्वयन किया है वह बहुत महत्वपूर्ण है इससे प्रदेश के श्रमिकों को अपने श्रम का उचित मूल्य दिया जा रहा है एवं स्टॉल के माध्यम से उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा भी जा रहा है।
राज्योत्सव शिल्पग्राम में दिखी छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति की झलक
शिल्पग्राम के अवलोकन से लोग हुए अभिभूत
रेशम कीट, तितली कोकून सेल्फी पॉइंट में सेल्फी लेने की मची होड़
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 का भव्य आयोजन किया गया है। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों की विकास प्रदर्शनी लगाई गई हैै। इस विकास प्रदर्शनी में शिल्पग्राम का स्वरूप भी दिखाया गया है। शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। रोचकता और रचनात्मकता से भरपूर यह शिल्पग्राम प्रदर्शनी पहुंचने वाले लोगों को स्व-स्फूर्त अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
शिल्पग्राम में मौजूद कलाकारों और शिल्पकारों से लोग उनकी रचनात्मकता के संबंध में चर्चा कर रहे हैं और साथ ही उनकी प्रतिभा की भूरी-भूरी प्रशंसा एवं सराहना भी कर रहे हैं।
राज्योत्सव के दौरान लगी प्रदर्शनी स्थल में बनाए गए शिल्पग्राम जनमानस को आकर्षित कर रहा है और उनकी जिज्ञासा का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है, जिसमें प्रदेश स्तर के बुनकर शिल्पी अपने-अपने बेहतरीन व आकर्षक उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आकर्षक छूट के साथ विक्रय भी कर रहे हैं।
शिल्पग्राम में कोसा, रेशमी साड़ी ड्रेस मटेरियल तथा काटन बेडशीट का बेहतरीन संकलन खादी के वस्त्र बेलमेटल, काष्ठ कला, माटी कला टेराकोटा के आकर्षक उपयोगी तथा सजावटी सामग्री का बिक्री कर बुनकरों शिल्पियां ने आयोजन का लाभ उठाया है।
शिल्पकार प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का इस आयोजन हेतु आभार व्यक्त कर रहे हैं, उनका कहना है कि इसके माध्यम से उन्हें अनेक उत्पादों के प्रचार-प्रसार व विक्रय का प्लेटफॉर्म मिला, जिससे इन्हें अच्छी आय हो रही है। इस बार शिल्पग्राम के मध्य में रेशम कीट, तितली कोकून की रंग-बिरंगी मनमोहक कृति स्थापित की गई है। जिसमें सेल्फी लेने लोगों में होड़ मची हुई है।
लोगों को लुभा रहा छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का मॉडल
राज्योत्सव में लोक निर्माण विभाग के स्टॉल में प्रदर्शित किया गया है नए विधानसभा भवन और पॉवर हाउस फ्लाई ओवर का मॉडल
रायपुर. 5 नवम्बर 2024
राज्योत्सव में लोक निर्माण विभाग के स्टॉल में प्रदर्शित किया गया है नए विधानसभा भवन और पॉवर हाउस फ्लाई ओवर का मॉडल
राज्योत्सव में लोक निर्माण विभाग के स्टॉल में प्रदर्शित किया गया है नए विधानसभा भवन और पॉवर हाउस फ्लाई ओवर का मॉडल
नया रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का विहंगम दृश्य लोगों को रोमांचित कर रहा है। नया रायपुर के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव में लोक निर्माण विभाग के स्टॉल में नए विधानसभा भवन और भिलाई के पॉवर हाउस में निर्मित फ्लाई ओवर के मॉडल को प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में इन दोनों निर्माणों से संबंधित जानकारियां भी दर्शाई गई हैं। यहां हाल के वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निर्मित प्रमुख भवनों, सड़कों और पुलों को भी प्रदर्शित किया गया है।
नया रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन 52 एकड़ में 273 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। इसके सदन में सदस्यों की बैठक क्षमता 200 होगी। नए विधानसभा भवन के एक विंग में विधानसभा सचिवालय, दूसरे में विधानसभा का सदन, सेंट्रल-हॉल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का कार्यालय तथा तीसरे विंग में मंत्रियों के कार्यालय होंगे। यहां 500 दर्शक क्षमता का ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा। 700 कारों की पार्किंग क्षमता वाले परिसर में डेढ़-डेढ़ एकड़ को दो सरोवरों का निर्माण भी प्रस्तावित है। राज्योत्सव में इसके मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
राज्योत्सव स्थल पर लोक निर्माण विभाग के स्टॉल में प्रदर्शित पॉवर हाउस, भिलाई का फ्लाई ओवर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर रायपुर-दुर्ग फोरलेन सड़क पर निर्मित है। 1660 मीटर लंबे और 16 मीटर ऊंचे इस फ्लाई-ओवर के नीचे भी एक फ्लाई ओवर गुजरता है जो भिलाई-नंदिनी मार्ग पर है। इस फ्लाई ओवर के पास तीन अलग-अलग ऊंचाईयों... एक सड़क और दो फ्लाई ओवर पर आवागमन देखा जा सकता है।
क्रेडा के सौर सुजला में केन्द्र सरकार के सेंट्रल विजलेंस कमीशन के अनुसार शामिल किया गया नया खण्ड, गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले सहित नये ईकाईयों को मिलेगा अवसर - कई ईकाईयों ने निर्णय का किया स्वागत
माननीय मुख्यमंत्री के मंशानुरूप राज्य मे गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु क्रेडा में सौर सुजला योजना के अंतर्गत बेहतर क्रियान्वयन हेतु निविदा मे पिछले वर्षों मे प्रदर्शन की गुणवत्ता के आधार पर लक्ष्य आबंटन का खण्ड जोड़ा गया है। यह खण्ड भारत सरकार के सेंट्रल विजिलेंस कमीशनस् के अनुसार शामिल किया गया है। इस गाइडलाइन के अनुसार क्रेडा के निविदा में विगत वर्षों से विभिन्न सोलर पंप स्थापनकर्ता इकाईयों को गुणवत्तापूर्ण कार्य प्रदर्शन करने वाले ईकाईयों को कार्य का आबंटन होगा इससे राज्य के कृषकों/हितग्राहियों को उच्च गुणवत्ता के सोलर पंप प्राप्त हो सकेंगे साथ ही साथ गुणवत्तापूर्ण सर्विस भी प्राप्त होगी। इस नये क्लाज खण्ड से नये सिस्टम इंटीग्रेटर्स को ज्यादा मौके प्राप्त होंगे, यही कारण है कि इस बार 206 से अधिक सिस्टम इंटीग्रेटर्स निविदा में भाग लिये है। जिससे राज्य के बेरोजगार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार प्राप्त हो सकेगा यह खण्ड राज्य शासन के महात्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्ष क्रेडा में 425 से अधिक नये ईकाईयों का रजिस्ट्रेशन हुआ है जिन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे
आपको बता दें के क्रेडा द्वारा गुणवत्ता सेल बनाया गया है। गुणवत्ता सेल में सम्मिलित समस्त अधिकारी लगातार बस्तर एवं सरगुजा संभाग सहित राज्य के समस्त जिलों में लगातार गुणवत्तापूर्ण कार्यों की निरीक्षण किया जा रहा है। कई इकाईयों द्वारा निविदा के शर्तो के अनुसार कार्य करने के बजाय गुणवत्ताहीन कार्य किये जाने पर गुणवत्ता सेल द्वारा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। विगत कई महीनों से प्रधान कार्यालय को प्रदेश के बस्तर, कांकेर, सूरजपुर, कोरबा, बीजापुर, बालोद एवं रायगढ़ सहित अन्य जिलों से खराब प्रदर्शन एवं गुणवत्ताहीन कार्य करने की शिकायते प्राप्त हो रही थी जिसको लेकर यह निर्णय लिया गया है ताकि राज्य में स्थापना होने वाले सौर सिंचाई पंप की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके वहीं सौर सुजला में इस नये खण्ड के जुड़ने से विगत कई सालों से खराब प्रदर्शन करने वाले ईकाईयों में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि वे भी जानते हैं के अब इस सरकार में खराब प्रदर्शन एवं गुणवत्ताहीन कार्य नहीं चलेगा अब यह सरकार गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें रही।
क्रेडा द्वारा जिस खण्ड को सौर सुजला मे जोड़ा गया है उससे खराब प्रदर्शन करने वाले ईकाई निश्चित ही कार्य से मुक्त होंगे विगत कई वर्षों से जो ईकाई गुणवत्ताहीन कार्य कर रहे है उन ईकाईयों द्वारा राज्य शासन के विरुद्ध अफवाह फैलाया जा रहा है और कार्य को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
उक्त खण्ड को निविदा में जोड़ने पर राज्य शासन की मंशानुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित हो सकेगा तथा किसानों को राज्य शासन के महत्वपूर्ण योजना का सीधा लाभ मिल सकेगा इसके साथ-साथ राज्य के नए लोगो को अच्छा काम करने का अवसर मिलेगा तथा राज्य में रोजगार सृजन के और भी आयाम खुलेंगे।
राज्य में संचालित विभिन्न सौर परियोजनाओं अंतर्गत आबंटित कार्यों का व्यवसायिक मनोवृत्ति वाले इकाईयों द्वारा सुचारू रूप से क्रियान्वयन नही किया जा रहा था, तथा सोलर संयंत्रों के रख-रखाव भी सही समय पर नही किया जा रहा था। इन अनियमीताओं को संज्ञान में लेते हुए क्रेडा ने गड़बड़ी करने वाली इकाईयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। परियोजनाओं के गुणवत्ता के प्रति क्रेडा की प्रतिबद्धता गुटबंदी करने वाले इकाईयों के विरूद्ध एक ब्रह्यास्त्र के रूप में कार्य कर रहा है।
क्रेडा में और कई इकाईयां जो गुणवत्तापूर्ण कार्य समय पर करने वाले इकाईयों द्वारा क्रेडा से अनुरोध किया गया है, कि कृपया गुटबंदी करने वाले इकाईयों द्वारा सौर सुजला के निविदा के लिए जो गुटबंदी बना कर क्रेडा और राज्य शासन की छवि को नुकसान पहुचाने की कोशिश की जा रही है उस पर लगाम लगाने की कृपा करेंगे। ताकि इन जैसे इकाईयां निविदा को किसी भी तरह से भी प्रभावित न कर सके। सभी इकाईयां क्रेडा से इस विषय पर संज्ञान लेने एवं आवश्कता अनुसार कार्यवाही किये जाने का भी अनुरोध किया गया है।
नया रायपुर में 04-06 नवम्बर तक राज्योत्सव का होगा भव्य आयोजन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण एवं समापन समारोह में शामिल होंगे
ख्याति प्राप्त कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति
शासकीय विभागों द्वारा लगाई जाएगी विकास प्रदर्शनी
शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार रहेगा आकर्षण का केन्द्र
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 के आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है। तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में होगा। राज्योत्सव स्थल में मुख्य मंच से लेकर पूरे परिसर की साज-सज्जा का काम तेजी से कराया जा रहा है। शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग का प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाने की तैयारी में जुटे हैं।
राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 का उद्घाटन 4 नवम्बर को संध्या 6 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 5 नवम्बर को राज्योत्सव के कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव का समापन 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे।
राज्योत्सव के तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा, मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री दयाल दास बघेल, श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओपी चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं श्री टंकराम वर्मा, नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे।
राज्योत्सव में ख्याति प्राप्त कलाकार रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे। 4 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत संध्या 4.30 बजे से होगी। बालीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक शांतुन मुखर्जी (शानु) की प्रस्तुति रात्रि 7.45 बजे से होगी। इससे पूर्व श्री रिखी क्षत्रीय की टीम द्वारा 12 लोक नृत्य की झलकियां, श्री मोहन चौहान एवं साथी द्वारा आदिवृंदम, श्री सुनील सोनी एवं टीम द्वारा क्षेत्रीय नृत्य संगीत तथा श्री विद्या वर्चस्वी द्वारा नाम रामायण की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी तरह 5 नवम्बर को राज्योत्सव में संध्या 5 बजे से श्री पुरानिक साहू द्वारा सांस्कृतिक लहर गंगा, श्री सुरेन्द्र साहू, भोला यादव एवं साथियों द्वारा लोक धुन, श्री मोहन नायडू एवं साथियों द्वारा द मून लाईट रागा, राजेश अवस्थी, सुश्री आरू साहू एवं सुश्री नीति मोहन की प्रस्तुति होगी। 6 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत श्री अनुराग शर्मा द्वारा अनुराग स्टार नाईट, श्री मनोज प्रसाद द्वारा इंडियाज गॉट टैलेंट मल्लखंभ, श्री सवि श्रीवास्तव द्वारा जादू बस्तर एवं पवनदीप एवं अरूनिता के पार्श्व गायन की प्रस्तुति होगी।
राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों द्वारा राज्योत्सव स्थल पर भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां शिल्प ग्राम बनाया जा रहा है, जहां छत्तीसगढ़ के विविध शिल्प प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। राज्योत्सव स्थल परिसर में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी के लिए विशाल हैंगर (डोम) बनाए गए हैं। हैंगर-एक एवं दो में शासकीय विभागों के स्टॉल लगेंगे, जबकि हैंगर-तीन में वाणिज्यिक संस्थान अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। हैंगर-चार में पब्लिक सेक्टर के संस्थानों की प्रदर्शनी लगेगी। राज्योत्सव में शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार आम लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र होंगे।
जल जीवन मिशन बदल रहा महिलाओं का जीवन
चिंताओं से मुक्ति, आजीविका, घर के कार्यों और परिवार को मिला ज्यादा समय
घर के आंगन में नल से गिर रही पानी की धार ने महिलाओं का जीवन ही बदल दिया है। जल जीवन मिशन महज हर घर तक पेयजल पहुंचाने की योजना नहीं है। यह दूरस्थ अंचलों और गांवों में महिलाओं की दिनचर्या और जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। गांवों में परंपरागत रूप से घर में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी के इंतजाम का जिम्मा महिलाओं पर ही है। घर तक पानी की पहुंच न होने के कारण उन्हें हैंडपंपो, सार्वजनिक नलों, कुंओं या अन्य स्रोतों से रोज पूरे परिवार के लिए जल संकलन करना पड़ता है। रोजाना का यह श्रमसाध्य और समयसाध्य काम बारिश तथा भीषण गर्मी के दिनों में दुष्कर हो जाता है। कई इलाकों में गर्मियों में जलस्रोतों के सूख जाने के कारण दूर-दूर से पानी लाने की मजबूरी रहती है। परिवार के लिए पानी की व्यवस्था हर दिन का संघर्ष बन जाता है। महिलाओं के दिन के कई घंटे इसी काम में निकल जाते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हर घर तक नल से जल पहुंचाने के सपने को पूरा करने का जल जीवन मिशन पेयजल के साथ ही महिलाओं को कई समस्याओं से निजात दिला रहा है। घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचने से वे कई चिंताओं से मुक्त हो गई हैं। अब रोज-रोज पानी के लिए बहुत सारा श्रम और समय नहीं लगाना पड़ता। इससे उन्हें घर के दूसरे कामों, बच्चों की परवरिश, खेती-बाड़ी एवं आजीविका के अन्य कार्यों के लिए अधिक समय मिल रहा है और वे इन कार्यों पर अपना ज्यादा ध्यान व समय दे पा रही हैं। बारहों महीने घर पर ही जलापूर्ति से लगातार बारिश तथा गर्मी के दिनों में पेयजल का संकट जल जीवन मिशन ने दूर कर दिया है। गर्मियों में जलस्तर के नीचे चले जाने से तथा बरसात में लगातार बारिश से जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। गुणवत्ताहीन पेयजल से पेट तथा निस्तारी के लिए खराब जल के उपयोग से त्वचा संबंधी रोगों का खतरा रहता है। जल जीवन मिशन ने सेहत के इन खतरों को भी दूर कर दिया है।
जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर में रोज प्रति व्यक्ति 55 लीटर जल की आपूर्ति की जा रही है। घर तक जल की सुलभ और पर्याप्त पहुंच से महिलाओं के ‘किचन गार्डन’ (बाड़ी) के लिए भी पानी मिल रहा है। इसके लिए उन्हें अब अतिरिक्त समय और श्रम नहीं लगाना पड़ रहा। इस्तेमाल किए हुए जल का सदुपयोग करते हुए इससे वे अपनी बाड़ी में लगाए सब्जी-भाजी की सिंचाई कर रही हैं। उनका यह काम परिवार के सुपोषण का द्वार भी खोल रहा है।
छत्तीसगढ़ में हर घर में नल से जल पहुंचाने के जल जीवन मिशन का 79 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। राज्य के 39 लाख 63 हजार 700 घरों में पाइपलाइन से पेयजल पहुंच रहा है। मिशन की शुरूआत के बाद से अब तक करीब 36 लाख 44 हजार नए घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। प्रदेश में 4142 ऐसे गांव हैं जहां के शत-प्रतिशत घरों में नल से पानी पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 19 जिलों में 77 प्रतिशत से अधिक काम पूरे कर लिए गए हैं। हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए धमतरी जिले में मिशन का 98 प्रतिशत, रायपुर में 94 प्रतिशत, राजनांदगांव में 89 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा में 88 प्रतिशत, दुर्ग और मुंगेली में 87 प्रतिशत, बालोद में 86 प्रतिशत तथा गरियाबंद और सक्ती में 85 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है।
मिशन के तहत बेमेतरा में 84 प्रतिशत, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और बस्तर में 83 प्रतिशत, कबीरधाम और महासमुंद में 82 प्रतिशत, रायगढ़ में 81 प्रतिशत, कोंडागांव में 79 प्रतिशत, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 78 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 77 प्रतिशत से अधिक काम पूर्ण हो चुके हैं। खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी या जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति के लिए 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रगति पर है। इनके माध्यम से 3234 गांवों के दस लाख से अधिक घरों में पेयजल के लिए सतही (नदी) जल पहुंचाया जाएगा। जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य शासन द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में राज्यांश के रूप में 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
राज्यपाल श्री रमेन डेका से छत्तीसगढ़ विधान सभा के ओ.एस.डी श्री सिसौदिया ने सौजन्य भेंट की
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष के विशेष कर्त्तव्य अधिकारी (ओएसडी) श्री विक्रम सिसौदिया ने सपत्नीक सौजन्य भेंट कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने भी उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल श्री रमेन डेका कोे ब्रम्हकुमारी बहनों ने भाई दूज का टीका लगाया
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुलाकात कर उन्हें दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दी और भाई दूज का टीका लगाकर उनके स्वस्थ जीवन की कामना की। बहनों ने राज्यपाल को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर जापान एवं फिलिपींस में संचालित प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका ब्रम्हाकुमारी सुश्री रजनी दीदी, इंदौर केंद्र की संचालिका सुश्री हेमलता, रायपुर केंद्र की संचालिका सुश्री सविता बहन सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ने वार्षिक रिपोर्ट सौंपी
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, रायपुर के सदस्य श्री ऑगस्टीन बर्नार्ड और श्रीमती पुष्पा पटेल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने आयोग के कार्यो से राज्यपाल को अवगत कराया और वर्ष 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट सौंपी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक 2024 के लोगो (प्रतीक चिन्ह) और मस्कट (शुभंकर) का किया अनावरण
मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलम्पिक की तैयारियों की समीक्षा की
बस्तर क्षेत्र के युवाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है आयोजन
गृह विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है आयोजन
संभाग स्तरीय विजेता होंगे बस्तर के यूथ आइकॉन
नक्सल हिंसा में दिव्यांग व्यक्तियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी खेल स्पर्धाएं होंगी आयोजित
अब तक 1 लाख 65 हजार से अधिक युवा प्रतिभागियों ने कराया अपना पंजीयन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में बस्तर ओलंपिक 2024 के लोगो (प्रतीक चिन्ह) और मस्कट (शुभंकर) का अनावरण किया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के दो प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बस्तर क्षेत्र के युवाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने, बस्तर की खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और बस्तर की जनता का शासन से मजबूत संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से 5 नवंबर से 10 दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित वर्चुअल बैठक में बस्तर ओलंपिक की तैयारी की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में अधिकारियों से खिलाड़ियों के रहने, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बस्तर में पिछले 9-10 माह में शांति स्थापित करने में काफी हद तक सफलता मिली है, इसमें केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन युवाओं को समाज और विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर में खेल काफी लोकप्रिय हैं यही कारण है कि ओलंपिक खेलों के लिए अपेक्षा से अधिक 1 लाख 65 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीयन कराया है, जो यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र के लोग भी शांति चाहते हैं और विकास की मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं। बस्तर के संवेदनशील क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में महिला-पुरूषों ने पंजीयन कराया है। इसमें महिलाओं और पुरुषों की संख्या लगभग बराबर है। महिलाएं भी विकास की मुख्य धारा में शामिल होना चाहती हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन उसकी गरिमा के अनुसार भव्यता के साथ किया जाए। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इन खेलों में अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुसार बस्तर को नई दिशा देने के उद्देश्य से इसका आयोजन किया जा रहा है।
बस्तर ओलम्पिक 2024 का प्रतीक चिन्ह और शुभंकर बस्तर की परम्परागत पहचान को समाहित कर किया गया है तैयार
लोगो (प्रतीक चिन्ह)- प्रतीक चिन्ह के बायीं एव दायीं ओर बस्तर क्षेत्र के ख्याति प्राप्त परम्परागत वाद्य यंत्र ‘तुरही’ को दर्शाया गया है। तुरही बस्तर क्षेत्र में मड़ई मेलों में देवी देवताओं के सम्मान में बजाई जाती है। गांव में सभी को सूचना देने हेतु भी इसका उपयोग किया जाता है। लोगो के मध्य में हिन्दी में ‘बस्तर ओलम्पिक 2024’ लिखा हुआ है, साथ में इस क्षेत्र के खिलाड़ियों को ओलम्पिक खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने हेतु ओलम्पिक खेल विधा खेल तीरदाजी, हॉकी, भारोत्तोलन, फुटबॉल एवं वालीबॉल के लघु चिन्ह को दर्शाया गया है। लोगो के नीचे की ओर बस्तर क्षेत्र में प्रलचित स्थानीय भाषा- बोली ‘गोंडी’ में ‘करसाय ता बस्तर बरसाय ता बस्तर’ का स्लोगन वाक्य लिखा गया है, जिसका हिन्दी में अनुवाद ‘खेलेगा बस्तर, बढ़ेगा बस्तर’ होता है।
शुभंकर (मस्कट)- बस्तर ओलम्पिक 2024 के शुभंकर में ‘वन भैंसा एवं पहाड़ी मैना’ को मुख्य रूप से दर्शाया गया है। वन भैंसा राज्य का राजकीय पशु तथा पहाड़ी मैना राजकीय पक्षी है। यह शुभंकर, वन्य जीव संरक्षण के उद्देश्य से तैयार किया गया है। राज्य के दंतेवाडा एवं बीजापुर जिले में वन भैंसा अधिक संख्या में मिलते हैं। बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों एवं कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पहाड़ी मैना मुख्य रूप से पाई जाती है।
शुभंकर में राजकीय पशु ‘वन भैंसा’ को खेल परिधान (टी-शर्ट) में दर्शाया गया है। वन भैंसा के सींग पर बैठी खुशहाल ‘पहाड़ी मैना’ खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को दर्शाता है।
बस्तर ओलंपिक में इन खेलों में होंगी स्पर्धाएं
बस्तर ओलंपिक में 11 खेल विधाओं के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन विकासखण्ड, जिला और संभाग स्तर पर किया जा रहा है। जिनमें एथलेटिक खेल में 100मी., 200मी. 400मी. दौड़, लंबीकूद, ऊंचीकूद, शॉटपूट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो एवं रिले रेस, इस प्रकार नौ अलग अलग इवेंट में खिलाड़ी भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त तीरंदाजी इंडियन राउण्ड 30मी., 50मी., बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, व्हॉलीबॉल एवं रस्साकसी खेल शामिल होंगे। हॉकी तथा वेटलिफ्टिंग सीधे जिला स्तर से प्रारंभ होगा, शेष सभी खेल विकासखण्ड स्तर से प्रतियोगिता होगी। रस्साकसी प्रदर्शनात्मक होगा, जो सीनियर वर्ग में महिलाओं के लिए आयोजित किया जाएगा। जूनियर वर्ग तथा सीनियर वर्ग में बालक, बालिका, महिला, पुरूष भाग लेंगे। नक्सल हिंसा में दिव्यांग व्यक्तियों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के विशेष प्रोत्साहन हेतु सीधे संभाग स्तर पर उनकी खेलों में प्रतिभागिता सुनिश्चित कराई जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विकासखण्ड स्तर से लेकर संभाग स्तर पर आयोजन समितियों का गठन किया जा चुका है। सभी संबंधित विभागों ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। राजधानी से लेकर बस्तर संभाग मुख्यालय, जिला मुख्यालयों तथा विकासखण्डों में व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है, ताकि बस्तर क्षेत्र के अधिक से अधिक युवा इसमें भाग ले सकें। विकासखण्ड स्तर एवं जिला स्तरीय आयोजन के संपूर्ण आयोजन सहित संभाग स्तरीय आयोजन की सभी प्रारंभिक तैयारियां कर ली गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि विकासखण्ड स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं शील्ड/मोमेंटो प्रदाय किए जाएंगे। जिला स्तर एवं संभाग स्तर पर दलीय खेलों एवं व्यक्तिगत खेलों में प्रथम स्थान, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को नगद राशि पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र एवं शील्ड/मोमेंटो प्रदाय किये जाएंगे। नगद राशि पुरस्कार डी.बी.टी. के माध्यम से विजेता खिलाड़ियों के बैंक खाते में अंतरित किए जाएंगे। संभाग स्तरीय विजेता खिलाड़ी को ‘बस्तर का यूथ आइकॉन’ के रूप में स्थापित एवं प्रचारित किया जाएगा।
बैठक में एडीजीपी श्री एस.आर.पी. कल्लूरी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल रूप से बैठक में जुड़े।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर
04-06 नवम्बर तक नया रायपुर में राज्योत्सव का भव्य आयोजन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण एवं समापन समारोह में शामिल होंगे
ख्याति प्राप्त कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति
शासकीय विभागों द्वारा लगाई जाएगी विकास प्रदर्शनी
शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार रहेगा आकर्षण का केन्द्र
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 के आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है। तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में होगा। राज्योत्सव स्थल में मुख्य मंच से लेकर पूरे परिसर की साज-सज्जा का काम तेजी से कराया जा रहा है। शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग का प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाने की तैयारी में जुटे हैं।
राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 का उद्घाटन 4 नवम्बर को संध्या 6 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 5 नवम्बर को राज्योत्सव के कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव का समापन 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे।
राज्योत्सव के तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा, मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री दयाल दास बघेल, श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओपी चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं श्री टंकराम वर्मा, नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे।
राज्योत्सव में ख्याति प्राप्त कलाकार रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे। 4 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत संध्या 4.30 बजे से होगी। बालीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक शांतुन मुखर्जी (शानु) की प्रस्तुति रात्रि 7.45 बजे से होगी। इससे पूर्व श्री रिखी क्षत्रीय की टीम द्वारा 12 लोक नृत्य की झलकियां, श्री मोहन चौहान एवं साथी द्वारा आदिवृंदम, श्री सुनील सोनी एवं टीम द्वारा क्षेत्रीय नृत्य संगीत तथा श्री विद्या वर्चस्वी द्वारा नाम रामायण की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी तरह 5 नवम्बर को राज्योत्सव में संध्या 5 बजे से श्री पुरानिक साहू द्वारा सांस्कृतिक लहर गंगा, श्री सुरेन्द्र साहू, भोला यादव एवं साथियों द्वारा लोक धुन, श्री मोहन नायडू एवं साथियों द्वारा द मून लाईट रागा, राजेश अवस्थी, सुश्री आरू साहू एवं सुश्री नीति मोहन की प्रस्तुति होगी। 6 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत श्री अनुराग शर्मा द्वारा अनुराग स्टार नाईट, श्री मनोज प्रसाद द्वारा इंडियाज गॉट टैलेंट मल्लखंभ, श्री सवि श्रीवास्तव द्वारा जादू बस्तर एवं पवनदीप एवं अरूनिता के पार्श्व गायन की प्रस्तुति होगी।
राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों द्वारा राज्योत्सव स्थल पर भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां शिल्प ग्राम बनाया जा रहा है, जहां छत्तीसगढ़ के विविध शिल्प प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। राज्योत्सव स्थल परिसर में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी के लिए विशाल हैंगर (डोम) बनाए गए हैं। हैंगर-एक एवं दो में शासकीय विभागों के स्टॉल लगेंगे, जबकि हैंगर-तीन में वाणिज्यिक संस्थान अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। हैंगर-चार में पब्लिक सेक्टर के संस्थानों की प्रदर्शनी लगेगी। राज्योत्सव में शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार आम लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र होंगे।
दीपावली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बोनस राशि का वितरण कर किसानों को दिया तोहफा
किसानों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का जताया आभार
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दीपावली मिलन समारोह के दौरान गन्ना किसानों को बोनस राशि का चेक वितरित किया, जिससे किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया। बोनस राशि की यह पहल राज्य सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन में समृद्धि लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गन्ना किसानों ने दीपावली से पहले बोनस राशि मिलने पर छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि बोनस राशि से उनकी दीपावली की खुशियां दोगुनी हो गई हैं, और अपने परिवार के साथ उत्सव को और अधिक उल्लास के साथ मना पाएं है।
उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार हमेशा किसानों के हितों के प्रति सजग और समर्पित है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और उनकी प्रगति से ही हमारा राज्य सशक्त बनेगा। इस बोनस राशि के माध्यम से हम उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं और भविष्य में भी किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। समारोह में गन्ना किसानों के चेहरे पर प्रसन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। उपमुख्यमंत्री ने सभी किसानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक, श्री अनिल ठाकुरश्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, श्री मनीराम साहू, श्री बीरेन्द्र साहू, श्री रामकृष्ण साहू, किसान संघ से श्री सुरेश चंद्रवंशी, डोमन चंद्रवंशी, जीवन यादव, दिनेश चंद्रवंशी, ओपी चंद्रवंशी, पिंटू चंद्रवंशी, पंकज वर्मा सहित समस्त किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर की गौ वंश की पूजा-अर्चना
गौवंश को गुड़ और खिचड़ी खिलाकर व्यक्त की अपनी कृतज्ञता
मुख्यमंत्री की सहजता ने एक बार फिर सबका मन मोहा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गोवर्धन पूजा के अवसर पर अपने निवास की गौशाला में गौवंश की पूजा-अर्चना की और अपने हाथों से खिचड़ी और गुड़ खिलाया। उन्होंने इस मौके पर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा गौवंश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन दिन है। भगवान श्री कृष्ण और गौ माता से कामना करता हूं कि प्रकृति प्रेम और परोपकार का यह लोक पर्व सभी के लिए सुख समृद्धि व खुशहाली लेकर आए। गौवंश, खेती और जन-जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं। गोवर्धन पूजा गौवंश की पूजा-आराधना के साथ ही गौवंश की सुरक्षा और सेवा का संकल्प लेने का पर्व है।
मुख्यमंत्री की सहजता ने एक बार फिर सबका मन मोहा
गौवंश की पूजा अर्चना के बाद जब प्रसाद वितरण प्रारंभ किया गया तो मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले गौशाला में गौवंश की सेवा करने वाले गौ सेवक श्री भगवानी यादव को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर उन्हें गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री जी की इस सहजता और सरलता ने एक बार फिर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने श्री भगवानी द्वारा किए जा रहे गौसेवा के कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों से गौवंश की रक्षा, संवर्धन और संरक्षण के कार्य में भागीदार बनने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राहियों को दीपावली का उपहार भेंट किया
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री को सुख- समृद्धि की कामना के साथ धान की बालियां उपहार स्वरूप भेंट की
मुख्यमंत्री ने तिलासो बाई से मिट्टी के दीये और कलश की खरीदी की
दीपावली का त्यौहार मनाने अपने गृह ग्राम बगिया पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके कैम्प कार्यालय में बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने मुलाकात की और मुख्यमंत्री को दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों का स्वागत कर उनसे आत्मीयता के साथ मुलाकात की। बगिया कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री से मिलने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात कर उन्हें दीपावली का उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं। हितग्राहियों ने भी पूरे आदरभाव से मुख्यमंत्री की सुख- समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ उपहार स्वरूप धान की बालियां भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही श्रीमती तिलासो बाई से दीये और कलश खरीदे। श्रीमती तिलासो बाई को पक्का आवास तो मिला ही है, उन्हें माटी कला बोर्ड की तरफ से इलेक्ट्रिक चाक भी प्रदान किया गया है। वे इस चाक से दीये, कलश, घड़े जैसी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट बाजार में बेचती हैं।
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही श्रीमती तिलासो बाई, नवीता पैंकरा, अमृता बाई, रजनी चौहान, कुमारी शशि चौहान ने आवास मिलने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह मौजूद रहे।
इलेक्ट्रिक चाक से काम में आई तेजी, आमदनी में हुआ इजाफा
प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही श्रीमती तिलासो बाई को माटी कला बोर्ड की ओर से कुम्भकार टेराकोटा योजना के तहत इलेक्ट्रिक चाक प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक चाक मिलने के बाद से उन्हें काम में काफी आसानी हो गई है और काम भी तेज गति से होने लगा है। उन्होंने बताया कि वह मिट्टी से दीया, चिमनी, गुल्लक सहित अन्य चीजे बनाती हैं। दीपावली के समय उनके समानों की अच्छी खासी बिक्री हुई। इससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि दीपावली के समय उनके बनाए सामानों की काफी मांग रहती है। इलेक्ट्रिक चाक की मदद से वह तेजी से काम कर पाती हैं।